कानूनी नोटिस प्रारूप भारत (2026)

नीचे दिया गया प्रत्येक प्रारूप मानक भारतीय कानूनी नोटिस संरचना का अनुसरण करता है। कोष्ठक [ ] उन क्षेत्रों को इंगित करते हैं जिन्हें आपको अपने विशिष्ट तथ्यों से भरना होगा। सही कानूनी प्रावधानों के साथ पेशेवर रूप से तैयार किए गए संस्करण के लिए, प्रत्येक नमूने के नीचे “यह नोटिस भेजें” लिंक का उपयोग करें।

वैवाहिक संबंध की पुनर्स्थापना के लिए कानूनी नोटिस (भारत)

एक वैवाहिक कानूनी नोटिस तब भेजा जाता है जब कोई जीवनसाथी बिना किसी वैध कारण के वैवाहिक घर छोड़ देता है और दूसरा जीवनसाथी संबंध को बहाल करने और फिर से साथ रहने का अनुरोध करता है। यह नोटिस आमतौर पर भारत में वैवाहिक अधिकारों की पुनःप्राप्ति और पारिवारिक विवाद समाधान के मामलों में इस्तेमाल किया जाता है।

अधिवक्ता कानूनी नोटिस
अधिवक्ता [पूरा नाम] नामांकन संख्या: [बार काउंसिल नंबर] कार्यालय का पता: [पता] फोन: [मोबाइल नंबर] ईमेल: [ईमेल पता]

दिनांक: [DD/MM/YYYY]

सेवा में,
[पत्नी का नाम]
[पूरा पता]

विषय: वैवाहिक घर वापस आने एवं पारिवारिक जीवन पुनः स्थापित करने हेतु कानूनी नोटिस

महोदया,

मेरे मुवक्किल [पति का नाम] के निर्देशानुसार, मैं आपको यह कानूनी नोटिस भेज रहा हूँ, जिसमें आपसे अनुरोध किया जाता है कि आप अपने नाबालिग बच्चे सहित वैवाहिक घर वापस आकर शांतिपूर्ण तरीके से वैवाहिक जीवन पुनः प्रारंभ करें।

  1. विवाह का विवरण: मेरे मुवक्किल और आपका विवाह दिनांक [Date] को विधिवत सम्पन्न हुआ था। विवाह के पश्चात आप दोनों पति-पत्नी के रूप में साथ रह रहे थे तथा इस विवाह से दिनांक [Child DOB] को एक संतान का जन्म हुआ।

  2. घर छोड़कर जाना: दिनांक [Date] को आप बिना किसी उचित कारण के वैवाहिक घर छोड़कर अपने मायके चली गईं तथा बच्चे को भी अपने साथ ले गईं। उसके बाद से कई बार अनुरोध किए जाने के बावजूद आप वापस नहीं लौटी हैं।

  3. कोई उत्पीड़न या दुर्व्यवहार नहीं: यह स्पष्ट किया जाता है कि मेरे मुवक्किल ने सदैव आपके साथ सम्मान और गरिमा का व्यवहार किया है। उन्होंने कभी भी आपके साथ किसी प्रकार की शारीरिक हिंसा, अभद्र भाषा का प्रयोग या मानसिक उत्पीड़न नहीं किया।

  4. समझौते के प्रयास: मेरे मुवक्किल ने कई बार इस मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने और आपको वापस परिवार में लाने का प्रयास किया, परंतु आपकी ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई।

  5. बच्चे का हित: बच्चे को माता-पिता दोनों के प्रेम, देखभाल और सहयोग की आवश्यकता होती है। वर्तमान अलगाव बच्चे के उचित पालन-पोषण एवं भावनात्मक विकास को प्रभावित कर रहा है।

  6. मेरे मुवक्किल की इच्छा: मेरे मुवक्किल आज भी आपको सम्मानपूर्वक अपने साथ रखने तथा सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण पारिवारिक वातावरण प्रदान करने के लिए तैयार हैं। साथ ही वे कानून के अनुसार बच्चे के आर्थिक एवं भावनात्मक सहयोग के लिए भी तैयार हैं।

  7. अंतिम अनुरोध: आपसे अनुरोध है कि आप बच्चे सहित वैवाहिक घर वापस लौटें और शांतिपूर्वक साथ रहें। साथ ही आपसे यह भी अपेक्षा की जाती है कि आप किसी प्रकार के झूठे आरोप लगाने से बचें तथा आपसी समझौते या मध्यस्थता के लिए सहयोग करें। कृपया नोटिस का उत्तर 15 दिनों के भीतर प्रेषित करें।

  8. कानूनी कार्यवाही: यदि आप इस नोटिस का उत्तर नहीं देती हैं अथवा वापस आने से इनकार करती हैं, तो मेरे मुवक्किल हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के अंतर्गत वैवाहिक अधिकारों की पुनर्स्थापना (Restitution of Conjugal Rights) तथा बच्चे की अभिरक्षा एवं मुलाकात के अधिकारों हेतु अन्य उपयुक्त कानूनी कार्यवाही करने के लिए बाध्य होंगे।

भवदीय,

[अधिवक्ता हस्ताक्षर]
[अधिवक्ता नाम]

समझौते के उल्लंघन/बिक्री विलेख के गैर-निष्पादन के लिए कानूनी नोटिस (भारत)

समझौते के उल्लंघन के लिए एक कानूनी नोटिस तब जारी किया जाता है जब कोई संपत्ति विक्रेता या मालिक भुगतान प्राप्त करने और खरीदार से बार-बार अनुरोध प्राप्त करने के बावजूद बिक्री विलेख (बैनामा) को निष्पादित करने में विफल रहता है। इस नोटिस का उपयोग आमतौर पर भारत में संपत्ति विवाद, भूमि लेनदेन और समझौते के उल्लंघन के मामलों में किया जाता है।

एडवोकेट लीगल नोटिस
एडवोकेट [पूरा नाम] नामांकन संख्या: [बार काउंसिल नंबर] कार्यालय का पता: [पता] फोन: [मोबाइल नंबर] ईमेल: [ईमेल पता]

दिनांक: [DD/MM/YYYY]

सेवा में,
[विक्रेता/मालिक का नाम]
[पूरा पता]

विषय: समझौते के उल्लंघन और बिक्री विलेख (बैनामा) के गैर-निष्पादन के लिए कानूनी नोटिस – [संपत्ति विवरण]

महोदय/महोदया,

मेरे मुवक्किल [Buyer Name], निवासी [Address], के निर्देशानुसार आपको यह कानूनी नोटिस प्रेषित किया जाता है, जो कि [Property Address] स्थित संपत्ति से संबंधित है।

  1. समझौते का विवरण: मेरे मुवक्किल द्वारा दिनांक [Date] को उक्त संपत्ति के क्रय हेतु ₹[Amount] में समझौता किया गया था तथा निर्धारित शर्तों के अनुसार भुगतान किया जा चुका है।

  2. बैनामा न करने की स्थिति: इसके बावजूद आपने आज तक मेरे मुवक्किल के पक्ष में बैनामा (Sale Deed) निष्पादित नहीं किया है, जो स्पष्ट रूप से इकरारनामा का उल्लंघन है।

  3. तैयार एवं इच्छुक होने का कथन: यह स्पष्ट किया जाता है कि मेरा मुवक्किल शेष विक्रय धन देने को एवं अपने पक्ष में बैनामा कराने को हमेशा से तैयार एवं इच्छुक रहा है। आज भी है और हमेशा रहेगा।

  4. निश्चित दिनांक पर उपस्थिति: यह भी सूचित किया जाता है कि इस लेन-देन के निष्पादन हेतु [निश्चित दिनांक] तय किया गया है। आपको निर्देशित किया जाता है कि आप उक्त दिनांक को संबंधित उप-पंजीयक कार्यालय (Sub-Registrar Office) में उपस्थित होकर सभी मूल दस्तावेजों के साथ बैनामा निष्पादित करें तथा शेष विक्रय धन प्राप्त करें। मेरा मुवक्किल भी उसी दिन उप-पंजीयक कार्यालय में उपस्थित रहेगा।

  5. कानूनी परिणाम: अनुपालन न करने की स्थिति में यह कृत्य भारतीय अनुबंध अधिनियम, 1872 के अंतर्गत उल्लंघन माना जाएगा तथा आपके विरुद्ध सिविल न्यायालय में विशिष्ट पालन (Specific Performance), निषेधाज्ञा एवं हर्जाने हेतु कार्यवाही की जाएगी।

भवदीय,

[अधिवक्ता हस्ताक्षर]
[अधिवक्ता नाम]

बिल्डर को फ्लैट कब्जा में देरी और
Real Estate (Regulation and Development) Act,
2016 (RERA) के तहत कानूनी नोटिस (भारत)

यह बिल्डर को कानूनी नोटिस एक औपचारिक कानूनी नोटिस होता है, जो बिल्डर को तब भेजा जाता है जब फ्लैट का कब्जा समय पर नहीं दिया जाता, समझौते का उल्लंघन होता है या बिल्डर-बायर एग्रीमेंट का पालन नहीं किया जाता। यह नोटिस मुख्य रूप से फ्लैट मिलने में देरी पर नोटिस, property possession delay notice, और Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 (RERA) मामलों में उपयोग किया जाता है।

एडवोकेट लीगल नोटिस
एडवोकेट [पूरा नाम] नामांकन संख्या: [बार काउंसिल नंबर] कार्यालय का पता: [पता] फोन: [मोबाइल नंबर] ईमेल: [ईमेल पता]

दिनांक: [DD/MM/YYYY]

प्रति,[बिल्डर का नाम]
[पूरा पता]
के माध्यम से: [Managing Director / Authorized Signatory]

विषय: फ्लैट कब्जा में देरी एवं Builder-Buyer Agreement के उल्लंघन हेतु कानूनी नोटिस (Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 (RERA) के अंतर्गत)

महोदय/महोदया,

मेरे मुवक्किल [Buyer Name], निवासी [Address], के निर्देशानुसार आपको यह कानूनी नोटिस भेजा जाता है।

  1. बुकिंग विवरण: मेरे मुवक्किल द्वारा आपके प्रोजेक्ट [Project Name] में फ्लैट बुक किया गया था, जिसका समझौता दिनांक [Date] को हुआ था। समझौते के अनुसार कब्जा दिनांक [Due Date] तक दिया जाना था।

  2. कब्जा में देरी: आपकी ओर से निर्धारित समय में फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया है, जबकि भुगतान पहले ही किया जा चुका है। इस देरी के कारण मेरे मुवक्किल को आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव और अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ा है।

     

  3. कानूनी आधार: यह कृत्य Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 (RERA), Indian Contract Act, 1872 और उपभोक्ता कानूनों का उल्लंघन है।

     

  4. अंतिम मांग: आपसे अपेक्षा की जाती है कि:
    • तुरंत फ्लैट का कब्जा प्रदान करें, अथवा
    • ₹[Amount] राशि ब्याज सहित वापस करें
    • उचित मुआवजा प्रदान करें
    • 30 दिनों के भीतर इस नोटिस का पालन करें।

  5. कार्यवाही न होने पर: अनुपालन न करने की स्थिति में आपके विरुद्ध Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 (RERA) Authority, Consumer Forum एवं Civil Court में कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

भवदीय,

[अधिवक्ता हस्ताक्षर]
[अधिवक्ता नाम]

उपभोक्ता शिकायत / सेवा में कमी हेतु कानूनी नोटिस (भारत)

यह legal notice for service deficiency तब भेजा जाता है जब कोई कंपनी खराब उत्पाद, गलत सेवा, डिलीवरी में देरी, या ग्राहक शिकायत का समाधान नहीं करती।

यह नोटिस Consumer Protection Act, 2019 के तहत उपभोक्ता आयोग में केस करने से पहले पहला कानूनी कदम होता है। इसे consumer complaint legal notice, defective service complaint notice, और legal notice to company India मामलों में उपयोग किया जाता है।

एडवोकेट लीगल नोटिस
एडवोकेट [पूरा नाम] नामांकन संख्या: [बार काउंसिल नंबर] कार्यालय का पता: [पता] फोन: [मोबाइल नंबर] ईमेल: [ईमेल पता]

दिनांक: [DD/MM/YYYY]

प्रति,

[कंपनी का नाम]
[पूरा पता]
के माध्यम से: [Grievance Officer / Customer Care Head / MD]

विषय: सेवा में कमी, दोषपूर्ण उत्पाद एवं उपभोक्ता शिकायत हेतु Consumer Protection Act, 2019 के अंतर्गत कानूनी नोटिस

महोदय/महोदया,

मेरे मुवक्किल [Consumer Name], निवासी [Address], के निर्देशानुसार आपको यह उपभोक्ता शिकायत कानूनी नोटिस प्रेषित किया जाता है।

  1. लेन-देन का विवरण: मेरे मुवक्किल द्वारा दिनांक [Date] को आपकी कंपनी से [Product/Service Name] खरीदा गया था, जिसका ऑर्डर/इनवॉइस नंबर [Number] है। यह खरीद आपकी गुणवत्ता एवं सेवा संबंधी आश्वासन के आधार पर की गई थी।

  2. सेवा में कमी / दोष: उक्त उत्पाद/सेवा:
    • दोषपूर्ण / खराब / अनुपयोगी पाया गया, या
    • वर्णन के अनुसार नहीं था, या
    • समय पर डिलीवर नहीं किया गया
    • इस संबंध में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई समाधान नहीं किया गया।

  3. कानूनी आधार: यह कृत्य सेवा में कमी एवं अनुचित व्यापार व्यवहार के अंतर्गत आता है, जो कि Consumer Protection Act, 2019 के तहत दंडनीय है।

  4. अंतिम मांग: आपसे अपेक्षा की जाती है कि:
    • ₹[Amount] वापस करें / उत्पाद बदलें / सेवा सुधारें
    • ₹[Amount] का मुआवजा प्रदान करें
    • 30 दिनों के भीतर इस नोटिस का पालन करें।

  5. कार्यवाही न होने पर: अनुपालन न करने की स्थिति में उपभोक्ता आयोग में आपके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी, जिसका संपूर्ण खर्च आपकी जिम्मेदारी होगी।

भवदीय,

[अधिवक्ता हस्ताक्षर]
[अधिवक्ता नाम]

किरायेदार बेदखली, किराया वसूली एवं
मकान खाली कराने का कानूनी नोटिस

यह किरायेदार को खाली करने का नोटिस तब भेजा जाता है जब किरायेदार किराया नहीं देता, किराया समझौते की शर्तों का उल्लंघन करता है या किराया अवधि समाप्त होने के बाद भी मकान खाली नहीं करता। यह नोटिस किराया विवाद नोटिस, मकान खाली कराने का नोटिस, और किरायेदार को लीगल नोटिस मामलों में उपयोग किया जाता है।

एडवोकेट लीगल नोटिस
एडवोकेट [पूरा नाम] नामांकन संख्या: [बार काउंसिल नंबर] कार्यालय का पता: [पता] फोन: [मोबाइल नंबर] ईमेल: [ईमेल पता]

दिनांक: [DD/MM/YYYY]

प्रति,
[किरायेदार का नाम]
[मकान का पूरा पता]

विषय: किरायेदार को मकान खाली करने, बकाया किराया भुगतान एवं संपत्ति का कब्जा वापस करने हेतु कानूनी नोटिस

महोदय/महोदया,

मेरे मुवक्किल [मकान मालिक का नाम], जो कि [पता] स्थित संपत्ति के विधिक स्वामी हैं, के निर्देशानुसार आपको यह किरायेदार बेदखली कानूनी नोटिस प्रेषित किया जाता है।

  1. किरायेदारी का विवरण: आप उक्त संपत्ति में दिनांक [Date] के किराया समझौते के अनुसार ₹[Amount] मासिक किराए पर किरायेदार के रूप में रह रहे थे। आपको किराया समय पर भुगतान करना तथा संपत्ति का शांतिपूर्ण उपयोग करना आवश्यक था।

  2. किराया बकाया / अवैध कब्जा: आपने [X] महीनों का किराया भुगतान नहीं किया है, जिससे ₹[Amount] बकाया हो गया है।
    अथवा
    आपका किराया समझौता दिनांक [Date] को समाप्त हो चुका है, फिर भी आप संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा बनाए हुए हैं।

  3. कानूनी आधार: आपका यह कृत्य किराया समझौते का उल्लंघन है तथा Transfer of Property Act, 1882 एवं संबंधित किराया कानूनों के तहत दंडनीय एवं अवैध है।

  4. अंतिम मांग: आपसे अपेक्षा की जाती है कि:
    • ₹[Amount] का बकाया किराया तुरंत अदा करें
    • नोटिस प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर मकान खाली कर दें

  5. कार्यवाही न होने पर: यदि आप निर्धारित समय में अनुपालन नहीं करते हैं, तो मेरे मुवक्किल आपके विरुद्ध न्यायालय में बेदखली व किराया वसूली की कानूनी कार्यवाही प्रारंभ करेंगे, जिसका संपूर्ण खर्च एवं जिम्मेदारी आपकी होगी।

भवदीय,

[अधिवक्ता हस्ताक्षर]
[अधिवक्ता नाम]

सरकारी विभाग शिकायत हेतु सैंपल लीगल नोटिस

जब कोई सरकारी विभाग, अधिकारी या प्राधिकरण शिकायत या आवेदन पर कार्यवाही नहीं करता, तब सरकारी विभाग को शिकायत नोटिस भेजा जाता है।

यह सरकारी विभाग के खिलाफ लीगल नोटिस देरी, लापरवाही, सरकारी कार्य में बाधा, लंबित आवेदन, RTI मामलों, पेंशन विवाद, मुआवजा विवाद, भूमि विवाद एवं अन्य सरकारी शिकायत मामलों में उपयोग किया जाता है।

एडवोकेट लीगल नोटिस
एडवोकेट [पूरा नाम] नामांकन संख्या: [बार काउंसिल नंबर] कार्यालय का पता: [पता] फोन: [मोबाइल नंबर] ईमेल: [ईमेल पता]

दिनांक: [DD/MM/YYYY]

प्रति,
[सरकारी विभाग / अधिकारी का नाम]
[कार्यालय का पूरा पता पिन कोड सहित]

विषय: शिकायत, देरी एवं कार्यवाही न करने के संबंध में सरकारी विभाग के विरुद्ध कानूनी नोटिस

महोदय / महोदया,

मेरे मुवक्किल [Client Name], निवासी [Client Address], के निर्देशानुसार आपको यह सरकारी विभाग शिकायत लीगल नोटिस प्रेषित किया जाता है।

  1. मामले का विवरण: मेरे मुवक्किल द्वारा दिनांक [Date] को आपके विभाग के समक्ष [समस्या / शिकायत / आवेदन का विवरण] प्रस्तुत किया गया था तथा सभी आवश्यक दस्तावेज एवं औपचारिकताएं पूर्ण की गई थीं। इसके बावजूद कई बार संपर्क, शिकायत एवं अनुरोध करने के बाद भी आपके विभाग द्वारा आज तक उचित कार्यवाही नहीं की गई।

  2. विभाग की लापरवाही एवं देरी: आपके विभाग एवं संबंधित अधिकारियों की अनावश्यक देरी, लापरवाही एवं निष्क्रियता के कारण मेरे मुवक्किल को मानसिक परेशानी, आर्थिक हानि एवं गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ा है। आपका यह आचरण कानून एवं प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।

  3. कानूनी जिम्मेदारी: आपका कृत्य सार्वजनिक कर्तव्य के निर्वहन में विफलता एवं मेरे मुवक्किल के वैधानिक एवं संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। अतः आप आवश्यक कार्यवाही एवं उचित राहत प्रदान करने हेतु कानूनी रूप से बाध्य हैं।

  4. अंतिम मांग अतः इस सरकारी विभाग के खिलाफ लीगल नोटिस के माध्यम से आपको निर्देशित किया जाता है कि:
    • मेरे मुवक्किल की शिकायत/आवेदन पर तत्काल कार्यवाही करें;
    • लंबित मामले का शीघ्र समाधान करें;
    • नोटिस प्राप्त होने की तिथि से 15 (पंद्रह) दिनों के भीतर आवश्यक राहत प्रदान करें।

  5. कार्यवाही न होने पर: यदि निर्धारित अवधि के भीतर उचित कार्यवाही नहीं की जाती है, तो मेरे मुवक्किल सक्षम न्यायालय, प्राधिकरण, उपभोक्ता मंच, उच्च न्यायालय अथवा अन्य सक्षम मंच के समक्ष आपके विभाग एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्यवाही प्रारंभ करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी एवं खर्च आपके स्वयं के होंगे।

भवदीय,

[अधिवक्ता हस्ताक्षर]
[अधिवक्ता का नाम]
अधिवक्ता, नोटिस प्रेषक की ओर से

अनपेड सैलरी लीगल नोटिस
सैलरी रिकवरी नोटिस फॉर्मेट

जब कोई कंपनी या नियोक्ता कर्मचारी की बकाया सैलरी, फुल एंड फाइनल सेटलमेंट, बोनस, ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट या अन्य कर्मचारी देय राशि का भुगतान नहीं करता, तब अनपेड सैलरी लीगल नोटिस (Unpaid Salary Legal Notice) भेजा जाता है। यह सैलरी रिकवरी लीगल नोटिस बकाया वेतन, देरी से सैलरी भुगतान, फुल एंड फाइनल सेटलमेंट एवं कर्मचारी देय राशि की रिकवरी के मामलों में उपयोग किया जाता है।

एडवोकेट लीगल नोटिस
एडवोकेट [पूरा नाम] नामांकन संख्या: [बार काउंसिल नंबर] कार्यालय का पता: [पता] फोन: [मोबाइल नंबर] ईमेल: [ईमेल पता]

दिनांक: [DD/MM/YYYY]

प्रति,
[कंपनी / नियोक्ता का नाम]
[रजिस्टर्ड ऑफिस का पता पिन कोड सहित]
माध्यम से: [डायरेक्टर / HR मैनेजर / अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता]

विषय: बकाया सैलरी, फुल एंड फाइनल सेटलमेंट एवं कर्मचारी देय राशि के भुगतान हेतु कानूनी नोटिस

महोदय / महोदया,

मेरे मुवक्किल [Employee Name], जो आपकी कंपनी में [Designation] पद पर दिनांक [Joining Date] से [Last Working Date] तक कार्यरत थे, के निर्देशानुसार आपको यह अनपेड सैलरी लीगल नोटिस भेजा जा रहा है।

  1. रोजगार एवं वेतन विवरण: मेरे मुवक्किल आपकी कंपनी में मासिक वेतन/CTC ₹[Amount] पर कार्यरत थे। नियुक्ति पत्र, वेतन पर्ची, बैंक रिकॉर्ड एवं अन्य दस्तावेज इस तथ्य को प्रमाणित करते हैं। मेरे मुवक्किल ने अपने कार्यकाल के दौरान कंपनी के प्रति सभी दायित्वों का उचित रूप से पालन किया।

  2. बकाया सैलरी एवं कर्मचारी देय राशि: आपकी कंपनी द्वारा अवधि [Month/Year] से [Month/Year] तक की सैलरी, जिसकी कुल राशि ₹[Amount] है, का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त फुल एंड फाइनल सेटलमेंट, नोटिस पे, बोनस, ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट, इंसेंटिव एवं अन्य कर्मचारी देय राशि, कुल ₹[Amount], भी कई बार अनुरोध एवं रिमाइंडर देने के बावजूद जारी नहीं की गई है।

  3. कानूनी दायित्व: बकाया सैलरी एवं कर्मचारी देय राशि का भुगतान न करना Payment of Wages Act, 1936, Industrial Disputes Act, 1947 तथा अन्य लागू श्रम कानूनों का उल्लंघन है। अतः आप मेरे मुवक्किल की समस्त बकाया राशि का भुगतान करने के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी हैं।

  4. भुगतान हेतु अंतिम मांग: अतः इस Legal Notice for Salary Recovery के माध्यम से आपको निर्देशित किया जाता है कि नोटिस प्राप्त होने की तिथि से 15 (पंद्रह) दिनों के भीतर कुल बकाया राशि ₹[Total Amount] का भुगतान मेरे मुवक्किल को करें।

  5. भुगतान न करने पर कानूनी कार्यवाही: यदि आप निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान नहीं करते हैं, तो मेरे मुवक्किल आपके विरुद्ध Labour Commissioner, Labour Court एवं अन्य सक्षम प्राधिकरणों के समक्ष उचित कानूनी कार्यवाही प्रारंभ करने के लिए बाध्य होंगे। उक्त कार्यवाही में कानूनी व्यय, क्षतिपूर्ति, ब्याज एवं अन्य राहतों की मांग भी की जा सकती है। अतः आपको सलाह दी जाती है कि आगे की कानूनी कार्यवाही से बचने हेतु बकाया सैलरी एवं अन्य कर्मचारी देय राशि का शीघ्र भुगतान करें।

भवदीय,

[अधिवक्ता हस्ताक्षर]
[अधिवक्ता नाम]

चेक बाउंस लीगल नोटिस फॉर्मेट
Section 138 NI Act Notice Sample in Hindi

Note -30 days Time Limit for Sending Cheque Bounce Notice

यदि किसी व्यक्ति द्वारा जारी किया गया चेक बैंक द्वारा बाउंस (Dishonour) कर दिया जाता है, तो भुगतान प्राप्त करने के लिए अधिवक्ता के माध्यम से भेजा गया नोटिस चेक बाउंस लीगल नोटिस कहलाता है। यह नोटिस सामान्यतः धारा 138 एनआई एक्ट (Section 138 NI Act) के अंतर्गत भेजा जाता है।

एडवोकेट लीगल नोटिस
एडवोकेट [पूरा नाम] नामांकन संख्या: [बार काउंसिल नंबर] कार्यालय का पता: [पता] फोन: [मोबाइल नंबर] ईमेल: [ईमेल पता]

दिनांक: [DD/MM/YYYY]

प्रति,
[चेक जारीकर्ता का नाम]
[पूरा पता पिन कोड सहित]

विषय: धारा 138 एनआई एक्ट के अंतर्गत चेक बाउंस / चेक अनादरण के संबंध में कानूनी नोटिस

महोदय / महोदया,

मेरे मुवक्किल [क्लाइंट का नाम], निवासी [क्लाइंट का पता], के निर्देशानुसार आपको निम्नलिखित चेक बाउंस कानूनी नोटिस प्रेषित किया जाता है:

  1. लेन-देन का विवरण: आपके द्वारा चेक संख्या [Cheque Number] दिनांक [Cheque Date], बैंक [Bank Name & Branch] से जारी किया गया था, जिसकी राशि ₹[Amount] थी। उक्त चेक मेरे मुवक्किल के वैध ऋण / देय राशि / वित्तीय दायित्व के भुगतान हेतु दिया गया था।

  2. चेक बाउंस / चेक अनादरण: मेरे मुवक्किल द्वारा उक्त चेक को निर्धारित अवधि के भीतर बैंक में प्रस्तुत किया गया, किन्तु बैंक द्वारा दिनांक [Return Date] के रिटर्न मेमो के माध्यम से निम्न कारण बताते हुए चेक वापस कर दिया गया: “[Insufficient Funds / Account Closed / Payment Stopped / Exceeds Arrangement]” उक्त स्थिति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि आपके खाते में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध नहीं थी अथवा आपने भुगतान संबंधी दायित्व का पालन नहीं किया।

  3. धारा 138 एनआई एक्ट के अंतर्गत कानूनी दायित्व: आपके द्वारा जारी चेक का बाउंस होना परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 एवं धारा 142 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।

  4. भुगतान हेतु अंतिम मांग: अतः इस Cheque Bounce Legal Notice के माध्यम से आपको निर्देशित किया जाता है कि नोटिस प्राप्त होने की तिथि से 15 (पंद्रह) दिनों के भीतर ₹[Amount] की संपूर्ण राशि मेरे मुवक्किल को अदा करें।

  5. भुगतान न करने पर कानूनी कार्यवाही: यदि आप निर्धारित समयावधि में भुगतान करने में असफल रहते हैं, तो मेरे मुवक्किल आपके विरुद्ध सक्षम न्यायालय में Section 138 NI Act Case दायर करने एवं अन्य विधिक कार्यवाही प्रारंभ करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी, खर्च एवं परिणाम आपके स्वयं के होंगे। इसके अतिरिक्त न्यायालयीन व्यय, दंड एवं अन्य कानूनी दायित्व भी आप पर लगाए जा सकते हैं। अतः आपको सलाह दी जाती है कि आगे की कानूनी कार्यवाही से बचने हेतु निर्धारित अवधि में भुगतान सुनिश्चित करें।

भवदीय,

[अधिवक्ता हस्ताक्षर]
[अधिवक्ता का नाम]
अधिवक्ता, नोटिस प्रेषक की ओर से

मनी रिकवरी लीगल नोटिस
पैसे की रिकवरी के लिए कानूनी नोटिस प्रारूप

जब कोई व्यक्ति, कंपनी, ग्राहक, मित्र, व्यवसायिक साझेदार या अन्य पक्ष उधार ली गई राशि, लंबित भुगतान, लोन राशि, एडवांस पेमेंट, सेवा शुल्क या व्यापारिक बकाया राशि वापस नहीं करता है, तब अधिवक्ता के माध्यम से भेजा गया नोटिस मनी रिकवरी लीगल नोटिस (Money Recovery Legal Notice) कहलाता है।

यह पैसे की रिकवरी के लिए कानूनी नोटिस (Legal Notice for Recovery of Money) सामान्यतः न्यायालयीन कार्यवाही प्रारंभ करने से पूर्व भेजा जाता है ताकि बकाया राशि की मांग कानूनी रूप से की जा सके।

एडवोकेट लीगल नोटिस
एडवोकेट [पूरा नाम] नामांकन संख्या: [बार काउंसिल नंबर] कार्यालय का पता: [पता] फोन: [मोबाइल नंबर] ईमेल: [ईमेल पता]

दिनांक: [DD/MM/YYYY]

प्रति,
[प्राप्तकर्ता का नाम]
[पूरा पता पिन कोड सहित]

विषय: लंबित भुगतान / बकाया राशि ₹[Amount] की वसूली हेतु कानूनी नोटिस

महोदय / महोदया,

मेरे मुवक्किल [Client Name], निवासी [Client Address], के निर्देशानुसार आपको निम्नलिखित मनी रिकवरी कानूनी नोटिस प्रेषित किया जाता है:

  1. लेन-देन का विवरण: मेरे मुवक्किल द्वारा आपको दिनांक [Date] को ₹[Amount] की राशि [Bank Transfer / UPI / NEFT / Cheque / Cash] के माध्यम से [Loan / Business Transaction / Service Charges / Friendly Loan / Advance Payment] के उद्देश्य से प्रदान की गई थी। दोनों पक्षों के मध्य यह सहमति हुई थी कि उक्त राशि निर्धारित समयावधि के भीतर वापस कर दी जाएगी। मेरे मुवक्किल के दावे के समर्थन में लेन-देन रिकॉर्ड, भुगतान रसीद, चालान, बैंक विवरण, चैट रिकॉर्ड अथवा अन्य संबंधित दस्तावेज उपलब्ध हैं।

  2. बकाया राशि वापस न करना: मेरे मुवक्किल द्वारा कई बार मौखिक अनुरोध, फोन कॉल, संदेश एवं अन्य माध्यमों से भुगतान की मांग की गई, जिनमें दिनांक [Mention Dates if Applicable] भी शामिल हैं, किन्तु आपने आज तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया। आपका यह आचरण आपके कानूनी एवं वित्तीय दायित्वों का उल्लंघन दर्शाता है।

  3. कानूनी दायित्व: बकाया राशि का भुगतान न करना भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 (Indian Contract Act, 1872) एवं अन्य लागू कानूनों के अंतर्गत आपके कानूनी एवं संविदात्मक दायित्वों का उल्लंघन है, जिसके लिए आप उत्तरदायी हैं।

  4. भुगतान हेतु अंतिम मांग: अतः इस Legal Notice for Recovery of Money के माध्यम से आपको निर्देशित किया जाता है कि नोटिस प्राप्त होने की तिथि से 15 (पंद्रह) दिनों के भीतर ₹[Amount] की बकाया राशि, साथ में [Rate]% वार्षिक ब्याज सहित, मेरे मुवक्किल को अदा करें।

  5. भुगतान न करने की स्थिति में कानूनी कार्यवाही: यदि आप निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान करने में असफल रहते हैं, तो मेरे मुवक्किल आपके विरुद्ध सक्षम न्यायालय में दीवानी एवं/अथवा आपराधिक कार्यवाही प्रारंभ करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी, खर्च एवं परिणाम आपके स्वयं के होंगे। उक्त कार्यवाही में कानूनी व्यय, ब्याज, हर्जाना एवं अन्य विधिक राहतों की मांग भी शामिल हो सकती है। अतः आपको सलाह दी जाती है कि अनावश्यक कानूनी कार्यवाही से बचने हेतु तत्काल भुगतान सुनिश्चित करें।

भवदीय,

[अधिवक्ता हस्ताक्षर]
[अधिवक्ता का नाम]
अधिवक्ता, नोटिस प्रेषक की ओर से

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